तू अबला बन मत नारी
चल हाथ में ले के कटारी
अज्ञान पर इस काम पर
इस मोह पर इस क्रोध पर
तू वार कर…… 1
तू अबला बन मत नारी
चल हाथ में ले कर आरी
दुर्गा का रूप लेकर
इन दुष्ट विचारों का
संहार कर…… 2
स्त्रीशक्ति
04:30
hindi poetry, काव्य
