Wednesday, 11 November 2015



सर्वात्मका, शिवसुंदरा स्वीकार या अभिवादना
तिमिरातूनी तेजाकडे प्रभू आमुच्या ने जीवना धृ.

सर्वात्मक शिवसुन्दर स्वीकुरुष्व मे अभिवादनम्
तिमिरादपि तेजः प्रति नय प्रभोऽस्माकं जीवनम् ।।

Sarvatmaka Shivasundara (Sanskrit Translation)


जलते है जिसके लिए
चित्रपट = सुजाता
संगीत = एस् डी बर्मन
शब्दांकन = मजरूह सुलतानपुरी
संस्कृत भाषांतर
ज्वलतो यस्य कृते
कवी श्रीहरी

Jalte hai Jiske Liye (Sanskrit Translation)


क्यों बोले मो से मोहन क्यों
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चित्रपट  रा-वन्
संगीत - विशाल शेखर
शब्दांकन - पंछी जलोनवी
संस्कृत भाषांतर
किं वदसि रे मोहन किं

Bhare Naina ~ Ra.One (Sanskrit translation)


'ठण् ठण्' 'पपम् पम्' 'छछछञ्' 'टटण् :' ǀ
…………………………………………………………………………………
रामाभिषेके जलमाहरन्त्या
हस्ताच्च्युतो हेमघटो युवत्या: ǀ
सोपानमार्गेण करोति शब्दं
ठण् ठण् ठण् ठण् ठण् ठण् : ǀ ǀ 
                                          ~ कालिदास:
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
यदाग्रयाने जनसंकुले हि
मार्गे निरुद्धप्रसरं याति
करोति शब्दं खलु पृष्ठयानं
पम् पम् पम् पम् पम् पम् : ǀ ǀ 
                                        - म. म. खरवंडीकरवर्या:

ठण् ठण् पपम् पम् छछछञ् टटण् ट:

Tuesday, 27 October 2015

Zee News Sanskrit 2


Zee News Sanskrit


Sanskrit, the etymology
            The etymological meaning of Sanskrit is pure. It is derived from the root सम् + कृ by adding suffix to it. But, while adding suffix an augment स् comes in between the prefix and the root. For instance,
सम् + कृ
सम् + कृ +
सम् + स् + कृ +
सम् स्कृत
संस्कृत
An augment स् carries a great significance because of which the word gets a positive, good and praising meaning. The words like सुसंस्कृत, संस्कार, संस्करण etc are derived in the same manner. Due to the absence of this augment, the words like संकृत, संकर, संकार gets negative meaning.

INTRODUCTION

Friday, 23 October 2015


तरङ्गावलिस्ते बलाकैश्च भाति
सदा सर्वदेवैर्नता ते सुकीर्ति:
जटाजूटधारानुगन्त्री जवेन
नमो मानगङ्गे तरङ्गिण्यजाये ।।1।।

प्रभा ते जनानां सदा नन्दनीया
प्रभाते हि नानाविधप्रार्थनीया
प्रभाते कराभ्यां सदा वन्दनीया
नमः शैवगङ्गे तरङ्गिण्यजाये।।2।।

सदा चौषधीनां रसानीतगर्भा
त्वया विश्वकल्याणवीथिर्हि भुक्ता।
जनानां मुदा पापरक्षां करोषि
नमस्ते सुगङ्गे तरङ्गिण्यजाये।।3।।

सदा शुद्धनीरा सदा पूतवीरा
शिवप्रस्थलंगामिनी या प्रसन्ना
पवित्रं हि सर्वं करोतीह नित्यं
नमः शैलकन्ये तरङ्गिण्यजाये।।4।।

सदाराधनीया सदा जीवधारा
हृदा या नरेन्द्रैः सदा पूजनीया।
चिरंजीविनि त्वं धरित्रीतलेऽस्मिन्
नमो धन्यगङ्गे तरङ्गिण्यजाये।।5।।


।। इति श्रीहरिविरचितं तरङ्गिणीपञ्चकं सम्पूर्णम्।।

।। तरङ्गिणीपञ्चकम् ।।

Thursday, 22 October 2015

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Moraya 12

Names in Sanskrit



तू अबला बन मत नारी
चल हाथ में ले के कटारी
अज्ञान पर इस काम पर
इस मोह पर इस क्रोध पर
तू वार कर…… 1

तू अबला बन मत नारी
चल हाथ में ले कर आरी
दुर्गा का रूप लेकर
इन दुष्ट विचारों का
संहार कर…… 2

स्त्रीशक्ति


चल आ तू चल

चल आ तू चल मेरे संग, दिल की राह पर मचल ।
के खो न जाऽए कहीं, ये जिंदगी काऽ सुहाना पल ।।

ये तारे सारे आसमाँ के आ गये
ये छा गया हैं चांद भी जमीन पर ।
मेहक उठे हैं फूल भी राहों में
तुम्हारी ताज़गी को देख के सनम ।।

चल आ तू चल (chal aa tu chal)

 
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